भ. गी. 16.4

दम्भो दर्पोऽभिमानश्च क्रोधः पारुष्यमेव च ।
अज्ञानं चाभिजातस्य पार्थ सम्पदमासुरीम् ॥

अनुवाद

हे अर्जुन! दम्भ, अहंकार, अभिमान, क्रोध, अशिष्टता और अज्ञान, [ये सब] आसुरी सम्पदा में जन्म लेने वाले में [उत्पन्न होते हैं]।

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